आज की हमेशा ऑनलाइन रहने वाली दुनिया में, वर्क-लाइफ बैलेंस अक्सर अनरियलिस्टिक लगता है। रतन टाटा कहते हैं कि जब आपका काम आपकी पहचान दिखाता है, तो यह बोझ कम और एक मकसद ज़्यादा लगता है। इससे आपकी ज़िंदगी को मतलब मिलता है। उनका कहना है कि वर्क-लाइफ इंटीग्रेशन एक ऐसा अलाइनमेंट है जहाँ काम