NIA कोर्ट ने दी 4 आतंकवादियों को फांसी की सजा, एक आतंकी हुआ बरी

NIA court sentenced 4 terrorists to death, one terrorist acquitted

पटनाः गांधी मैदान के बिहार भाजपा के हुंकार रैली में 8 साल पूर्व हुए बम ब्लास्ट के मामले में एनआईए कोर्ट ने 10 में से चार आतंकवादियों को आज फांसी की सजा सुनाई। 5 आतंकवादियों को अलग-अलग सजा दी गई जबकि एक को कोर्ट ने सबूत के अभाव में रिहा कर दिया। बेउर जेल में बंद इन आतंकवादियों की फांसी की सजा का ऐलान होते ही बेउर जेल की सुरक्षा सख्त कड़ी कर दी गई है। बेउर जेल में रेड अलर्ट जारी कर वहां का कमान बी एम पी के कमांडो के हाथों सौंप दिया गया है।

भारत के प्रधानमंत्री और उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के हुंकार रैली को संबोधित करने वाले थे। नरेंद्र मोदी के संबोधन के पूर्व आतंकवादियों ने पटना में सीरियल बम ब्लास्ट किया था। सबसे पहला बम ब्लास्ट पटना जंक्शन पर हुआ और उसके बाद जब नरेंद्र मोदी गांधी मैदान की हुंकार रैली को संबोधित कर रहे थे। उस समय लगातार पांच सीरियल ब्लास्ट हुए, जिसमें 7 लोग मारे गए और 89 लोग घायल हुए थे। हालांकि इस सीरियल बम ब्लास्ट के बाद भी मोदी ने हुंकार रैली का संबोधन नहीं रोका जनता को संबोधित किया और बहादुरी के साथ आतंकियों के मनसूबे विफल कर दिये।

इस मामले में एनआईए ने जब इसकी जांच की तो देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 10 आतंकवादी गिरफ्तार किए गए। जिसमें अधिकांश छत्तीसगढ़ ,झारखंड और उत्तर प्रदेश के आतंकी शामिल थे। 27 अक्टूबर 2013 को पटना के गांधी मैदान में यह सीरियल बम ब्लास्ट हुआ था और ठीक 8 साल बाद 27 अक्टूबर 2021 को कोर्ट ने इस घटना के आरोपी आतंकवादियों को दोषी करार दिया।

आज 1 नवंबर को इनमें से 4 आतंकियों को एनआईए के जज गुरविंदर सिंह मल्होत्रा ने सजा-ए-मौत मुकर्रर कर दी। एनआईए कोर्ट ने ओमान अंसारी हैदर अली मोहम्मद मुल्लाह अंसारी इम्तियाज अंसारी उर्फ आलम को फांसी की सजा दी है। इसके साथ हैं 2 को उम्रकैद, 2 को 10 साल और एक को 7 साल की सजा सुनाई गई है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर का फखरुद्दीन को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया। फखरुद्दीन जेल से छूटकर अपने घर मिर्जापुर चला गया है।

गौरतलब है कि यह आतंकवादी मानव बम के जरिए नरेंद्र मोदी को मौत के घाट उतारना चाहते थे और उसके लिए रांची के धुर्वा डैम के पास ट्रायल भी हुआ था जो सफल नहीं हो पाया। एनआईए के वकील ललित प्रसाद ने सिन्हा ने इन आतंकियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी।

आतंकवादियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद पटना के बेउर जेल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बेऊर में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और बेउर जेल की सुरक्षा की कमान जेल, स्थानीय पुलिस के साथ ही बी एम पी के कमांडो दस्ता ने संभाल लिया है। जेल में एक कंट्रोल रूम खोला गया है जहां 5 सहायक अधीक्षक और दो उपाधीक्षक को 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही जेल के अंदर फांसी की सजा पाए आतंकवादियों को अलग-अलग सेल में रखा गया है। जेल प्रशासन ने बताया कि सजा प्राप्त आतंकवादियों से कोई काम नहीं लिया जाएगा। जेल प्रशासन का कहना है कि ऐसे आतंकवादियों का रखने के लिए जेल में अलग-अलग सेल की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसलिए कारा प्रशासन फांसी की सजा पाए आतंकियों को दूसरे जेल में भेजने पर विचार कर रहा है।

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने न्यायालय के इस फैसले पर हर्ष जाहिर करते हुए कहा कि इंसाफ की जीत है। पांडे ने कहा कि जिस वक्त यह घटना हुई उस समय वे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे और उनके नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ब्लास्ट में घायल लोगों की जो मदद की उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। पांडे ने कहां की 8 साल बाद में यह फैसला निश्चित रूप से आतंकवाद पर एक करारी चोट है।

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