“मरना है तो मरो”: बस में आग लगने से पहले ड्राइवर और कंडक्टर ने यात्रियों की चेतावनी को नज़रअंदाज़ किया, FIR में कहा गया

यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा बस आग मामले में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक यात्री की शिकायत पर दर्ज FIR के मुताबिक, ड्राइवर और कंडक्टर ने जलने की गंध के बारे में यात्रियों की बार-बार दी गई चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया और बस रोकने से इनकार कर दिया।

बुधवार देर रात दिल्ली से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, हमीरपुर ज़िले के निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर जेवर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई।

यात्रियों ने ड्राइवर को जलने की गंध के बारे में चेतावनी दी

कुमार की शिकायत के अनुसार, वह बुधवार रात करीब 9 बजे दिल्ली के कश्मीरी गेट से राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में सवार हुए। उन्होंने बताया कि बस में करीब 30-35 यात्री यात्रा कर रहे थे।

बस रात करीब 11.30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर 33-किमी के निशान पर पहुँची, तभी यात्रियों को ड्राइवर के केबिन से जलने की गंध महसूस हुई। कुमार ने आरोप लगाया कि यात्रियों ने ड्राइवर से बार-बार गाड़ी रोकने और जाँच करने के लिए कहा।

हालाँकि, ड्राइवर ने कथित तौर पर गंध को बस में आम बात बताकर टाल दिया और गाड़ी चलाना जारी रखा। PTI के अनुसार, FIR में ड्राइवर और कंडक्टर के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने यात्रियों से कहा, “अगर मरना है तो मरो; हम बस नहीं रोकेंगे।”

कुमार ने आगे आरोप लगाया कि ड्राइवर और कंडक्टर केबिन के अंदर बीड़ी और सिगरेट पीते रहे, तभी अचानक ड्राइवर की सीट के पास आग लग गई।

बस में आग फैली, 9 यात्रियों की मौत

आग लगने के बाद यात्रियों ने शोर मचाया और फिर से ड्राइवर से बस रोकने को कहा। हालाँकि, ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर तुरंत बस नहीं रोकी।

शिकायत के अनुसार, जब तक बस रुकी, तब तक आग पूरी गाड़ी में फैल चुकी थी और बस धुएँ से भर गई थी।

कुमार ने बताया कि वह और कई अन्य यात्री बस से कूदकर जान बचाने में सफल रहे, जबकि कुछ लोग अंदर ही फँसे रह गए। कई यात्री आग से झुलस गए और उन्हें इलाज के लिए जेवर के कैलाश अस्पताल ले जाया गया।

कुमार ने बताया कि बाद में उन्हें अस्पताल में जानकारी मिली कि नौ यात्रियों की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों की मौत आग से झुलसने और दम घुटने के कारण हुई। शिकायत में ड्राइवर और कंडक्टर पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर “जानबूझकर की गई भारी लापरवाही, जल्दबाजी और बेपरवाही” का आरोप लगाया गया है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि आग में यात्रियों के बैग, सामान और मोबाइल फोन जलकर नष्ट हो गए; इनमें बस के सामान रखने वाले हिस्से और छत पर रखे सामान भी शामिल थे।

पुलिस ने बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की आगे जांच चल रही है।

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